“ पढ़लो ज़िन्दगी संभल जायेगी ”

 

  

       मनसा डिफेंस अकाडमी, अब तक की कभी न देखी, न सुनी और न सोची एक ऐसी सोच है जो यह जानती है कि आज के नौजवान के साथ धोखा हो रहा है, उसे गुमराह किया जा रहा है | आज के विद्यार्थी को नौकरी चाहिए पर उसे आमदनी का जरिया बनाया जा रहा है तथा उसे सीढ़ी बना कर खुद की आमदनी के लिये इस्तेमाल किया जा रहा है | आज हमारे देश में कालेजों की बाढ़ सी आई है जो 12वीं पास विद्यार्थी को सिर्फ डिग्री / इंजीनियरिंग करवा कर अपनी ज़ेबे भरने में जुटे है, ये कभी विद्यार्थियो के भविष्य के बारे में नहीं सोचते, कि डिग्री के बाद उस युवक को नौकरी नहीं मिली तो उसका भविष्य क्या होगा……!

      आंकडे कहते हैं, प्रतिवर्ष 20 लाख विद्यार्थी इंजीनियरिंग / डिग्री करके निकलते है, उनमें से गिने-चुने युवकों को ही नौकरी मिलती है बाकि युवक बेकारी से जूझते हैं | कुछ को नौकरी मिलती भी है तो 5-10 हजार की | ध्यान रहे की पढाई करते वक्त महीने का खर्च 5-10 हज़ार होता है और इतने की नौकरी नही मिलती, तो फिर क्यों…? मनसा इस आकड़े के लिये चुनौती है व उन सभी नौजवानों को आगाह करती है कि अगर नौकरी के लिये पढ़ते हो तो नौकरी मिलनी चाहिये |

 परन्तु ध्यान रहे अगर आपको बोम्बे जाना है तो बोम्बे की ट्रेन पकडनी होगी दिल्ली की नहीं मतलब साफ़ है कि जॉब चाहिये तो जॉब की तैयारी करनी होगी डिग्री की नहीं, अब सवाल अत है कि तैयारी कहा करें ... गूगल का जमाना है पुरे भारत की डिफेंस अकैडमी का सिस्टम, ट्रेनिंग, बनावट व फीस चेक कार्लो, हमें भरोसा है कि आप मनसा में ही आओगे ! इसीलिए भारत सर्कार ने मनसा डिफेंस अकाडमी को (The Best Academy of India) घोषित किया है !

 

MANASA DEFENCE ACADEMY BUILDING